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प्रेम

प्रेम प्रेम तो सब कहें प्रेम न जाने कोइ जो प्रेम को जान लो प्रेम कभी न होय प्रेम तोसे कब कहे कीजोवाको बखान जो बखान हो प्रेम का ता व्यापार समान वो जो कहे चाँद तो मै चाँद्य तोड़ लाऊँ सूरज की चाह करे किरणो समेत पकडा़ऊँ पर वो माँगे प्रेम है मै प्रेम कहाँ से लाऊँ येआन्तरीक अनुभूती है ये कैसे समझाऊँ

मांँ मांँ होती हैं

माँ मांँ होती हैं उसके जायो मे उसकी जान होती हैं कौन कहता है वो बेटा बेटी मे भेद कराकर प्यार को अपने चुना लगाकर बेटे को जन्नत बेटी को यम पहुँचाती है रूप मां का थरो तो जानो खून को दुध करो तो जानो यह अमृत की धार  तुम  बना न पाओग कोई कारखाना या उद्योग माँ के अमर्तव का लगा न पाओगे

ये कौन है जिसने मेरे दिल पर दस्तक दी है

ये कौन है जिसने मेरे दिल पर दस्तक दी है पगले दस्तक और चेतावनी को नही पहचानता चेत बदला समय बदलते लोग जो न बदले कष्ट रहे भोग दिल हूँ तेरा न सह पाऊँगा  किशन के ऊपदेश न समझ अपनो से अपने मरतेजायें ईससे तो अच्छाहै न समझ हम हो ना हो ईस दुनियाँ मे परवाह न करें ईस बात की जो मरवाये अपनोसे अपने ऊnहे भी ईस जहाँ से ले जायें

नया साल मुबारक

तु कहाँ चला गया मेरे दोस्त अभी पुराना काम बाकी है काम होने पर जश्न मनाते ऊस जश्न का जाम बाकी  है 365 दिन पहले चले साथ साथ मेरे साथी वो निभाना बाकी है सोच दोनो की समान हो चली थी पाना था मुकाम ऊसका काम बाकी है सोचता रहा हर पल कल पर टाल कर अधर मे आया वक्त न रुका वो अफसोस बाकी है आज तुम जानो को तैयार हो तो होश आया तुम्हारे बिना हम कहाँ बाकी है तुमने कहा नया जो आ रहा है अच्छा है अभी तो तुम्हारे साथ का कर्ज बाकी है नया आयेगा क्या छिनेगा    क्या बिनेगा हमे क्या पता हमने तो ता ऊम्र खाक फाकी है नये पर क्या विश्वाश करें अगर लुट गये तो कुछ भी ना बाकी है जो तुम पर विशवास था वो नये पर बने ईस पर हमे शक काफी है तभी घंटी बजी दरवाजा खोला देखा नया साल और ऊसमे ऊर्जा काफी है मुबारक हो सबको नया साल वो कडक कर बोला खाओ कसम मेरे रहते पूरे करोगे वो सारे काम जो बाकि है हमने तुरंत कहा खाते है कसम पूरे करेंगे अधुरे काम मुबारक नया साल पुरानी नाकामियों की माफी है