मांँ मांँ होती हैं

माँ मांँ होती हैं
उसके जायो मे
उसकी जान होती हैं
कौन कहता है
वो बेटा बेटी मे
भेद कराकर
प्यार को अपने
चुना लगाकर
बेटे को जन्नत
बेटी को यम पहुँचाती है
रूप मां का थरो तो जानो
खून को दुध करो तो जानो
यह अमृत की धार
 तुम  बना न पाओग
कोई कारखाना या उद्योग
माँ के अमर्तव का लगा न पाओगे

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